Wednesday, May 16, 2012

डीडीए के पास नहीं है बिल्डिंग प्लान! - - Navbharat Times

डीडीए के पास नहीं है बिल्डिंग प्लान! - - Navbharat Times:


सुशील कुमार त्रिपाठी।। राजधानी की आबादी तेजी से बढ़ती जा रही है लेकिन लगता है कि डीडीए ने मास्टर प्लान 2021 में इसे ध्यान में नहीं रखा है। दरअसल मास्टर प्लान जब बनना था, तब दिल्ली की आबादी कुछ और थी, लेकिन इसे बनने में करीब 6 साल ज्यादा लग गए और इस बीच आबादी भी कई लाख बढ़ गई। इसी वजह से कई ऐसी जगह जैसे बख्तावरपुर, बुराड़ी में सड़क बनाने की योजना बना दी गई, जहां इस बीच आबादी बस गई। उसमें कई जगह आबादी लीगल तौर पर बसी है, लेकिन लगता है कि डीडीए ने बिना मौके का मुआयना किए ही प्लान में इसे शामिल कर दिया।

वहीं डिवाइडेड प्रॉपर्टी पर भी कोई निश्चित बिल्डिंग प्लान न होने से लोग निर्माण कराने से डरते हैं। दूसरे इससे सरकार को भी रेवेन्यू में नुकसान उठाना पड़ता है। जहां जहां रीडिवेलपमेंट का काम होना था, अभी शुरू नहीं हो पाया है। नतीजा यह हुआ कि अवैध कब्जे बढ़ गए।

नॉर्थ दिल्ली रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक भसीन का कहना है कि वॉल्ड सिटी विशेषकर वार्ड नंबर 9 मल्कागंज में रीसेटलमेंट होना था। लेकिन 5 साल बाद भी यह शुरू नहीं हो सका। खाली पड़ी जमीनों पर कई जगह कब्जे हो गए, जहां रीसेटलमेंट हो सकता था। नियम के तहत डिवाइडेड प्रॉपर्टी बढ़ रही है लेकिन उस पर निश्चित बिल्डिंग प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि बुराड़ी एरिया की सड़कों पर ध्यान नहीं दिया गया।

पब्लिक यूटिलिटी सेंटर बिल्कुल नहीं हैं, लेकिन खाली जगह का यूज इसके लिए नहीं हो पा रहा है। पटेल चेस्ट पर मिनी मार्केट बनाने के लिए भरोसा दिया गया था, जिससे डीयू के हजारों छात्रों को लाभ होता, लेकिन यह योजना भी वेटिंग में पड़ी है। कई जगहों पर कमर्शल ऐक्टिविटी 90 पर्सेंट तक हो गई लेकिन उसे अभी तक डिक्लेयर नहीं किया गया।

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